राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव में देश-विदेश के प्रमुख लेखकों और कवियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न सत्रों में साहित्य, संस्कृति और समाज पर गहन चर्चा हुई।
हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। युवा लेखकों को भी मंच पर प्रस्तुत होने का अवसर मिला।
महोत्सव के आयोजकों ने बताया कि अगले वर्ष इसे और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा।

