जलवायु परिवर्तन को लेकर आयोजित वैश्विक सम्मेलन में विभिन्न देशों ने नए प्रतिबद्धता वादे किए हैं। भारत ने भी अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सम्मेलन में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित तकनीक को अपनाने पर जोर दिया गया। विकासशील देशों को वित्तीय सहायता देने का मुद्दा भी उठा।
पर्यावरणविदों ने इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित होगा।

